विभवमापी से सम्बंधित प्रश्न तथा सवाल

यहाँ पे विभवमापी के प्रश्न तथा उसके सवाल, उदहारण, आदि के बारे में अध्ययन करेंगे। यदि अभी तक आप विभवमापी से पूरी तरह परिचित नहीं है। तो नीचे दी गयी लिंक पे क्लिक करके विभवमापी के बारे में अध्ययन करे। विभवमापी, विभवमापी द्वारा सेलो के विद्युत वाहक बलों की तुलना, आतंरिक प्रतिरोध


प्रश्न-1 विभवमापी का मात्रक क्या है?
उत्तर-1- विभवमापी किसी विद्युत परिपथ के दो बिन्दुओ के बीच का विभवांतर नापने का यन्त्र है।

प्रश्न-2 विभवमापी के प्रयोग में दो सेलो विद्युत वाहक बल E₁ तथा E₂ है। इन्हे श्रेणीक्रम में जोड़कर विभवमापी के तार पर अविक्षेप बिंदु 58 Cm पर प्राप्त होता है। जब E₂ विद्युत वाहक बल वाली सेल की ध्रुवता उलट दी जाती है। तब अविक्षेप बिंदु 29 Cm पर प्राप्त होता है। 
उत्तर-1- 3:1

प्रश्न-3 विभवमापी कार्यप्रणाली किस सिद्धांत पर आधारित है?
                                       अथवा 
विभवमापी का सिद्धांत लिखिए।
उत्तर-3 जब एकसमान परिक्षेद के तार में नियत धरा बाह रही हो, तो तार के किसी भी भाग के सिरों के बीच विभवांतर उस भाग की लम्बाई के अनुक्रमानुपाती होता है।

प्रश्न-4 विभवमापी को आदर्श वोल्ट्मीटर क्यों कहा जाता है?
उत्तर-4 जब विभवमापी में शुन्य विक्षेप की स्थिति होती है, तो सेल के कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। इसका मतलब ये है कि यह अनंत प्रतिरोध के आदर्श वॉलमीटर के तुल्य है। इसलिए इसे आदर्श वोल्ट्मीटर कहते है।

प्रश्न-5 एक सेल का विद्युत वाहक बल मापने के लिए वोल्ट्मीटर के स्थान पर विभवमापी को क्यों वरीयता दी जाती है?
उत्तर-5 विभवमापी के द्वारा विद्युत वाहक बल अविक्षेप विधि से मापा जाता है तथा विभवमापी अनंत प्रतिरोध के आदर्श वोल्ट्मीटर के समतुल्य है।

प्रश्न-6 विभवमापी कि सुग्राहिता से क्या तात्पर्य है तथा इसको किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है?
उत्तर-6 विभवमापी कि सुग्राहिता का निर्धारण करने के लिए Jockky को शुन्य विक्षेप कि स्थिति में थोड़ा सा खिसकने पर धारामापी में पर्याप्त विक्षेप होता है।
विभवमापी कि सुग्राहिता बढ़ाने के लिए विभवमापी के तार कि लम्बाई बढ़ा दी जाती है।

प्रश्न-7 एक विभवमापी का 1 मीटर लम्बा तार PQ एक प्रामाणिक सेल E₁ से जोड़ा गया एक अन्य सेल E₂ जिसका विद्युत् वाहक बल (emf) 1.02 वोल्ट है। दिए गए परिपथ चित्र में प्रतिरोध R तथा स्विच S से जोड़ा जाता है। जब स्विच S खुला है, तब अविक्षेप बिंदु P से 51 Cm कि दूरी पर प्राप्त होता है। विभवमापी तार कि विभव प्रवणता ज्ञात कीजिये 
उत्तर-7



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