इलेक्ट्रोड विभव तथा मानक इलेक्ट्रोड विभव

इलेक्ट्रोड विभव, मानक इलेक्ट्रोड विभव, मानक इलेक्ट्रोड विभव के प्रकार, ऑक्सीकरण इलेक्ट्रोड विभव, अपचयन इलेक्ट्रोड विभव आदि


इलेक्ट्रोड विभव 

जब किसी भी धातु की क्षण को उसी धातु के लवण के विलयन में डूबा दिया जाता है, तब धातु और विलयन के मध्य में विभव उत्पन्न होता है। उत्पन्न होने वाले विभव को इलेक्ट्रोड विभव कहते है।

उदाहरण-- जब जिंक धातु की क्षण को जिंक सल्फेट में डुबाया जाता है। तब जिंक धातु की क्षण ऋणावेषित हो जाती है। और तब इसी क्षण को उदासीन किया जाता है, इसको उदासीन करने के लिए धनावेशित Zn²+ आयनो की एक परत जिंक धातु की ऋणावेषित क्षण के चारो और लगायी जाती है। 

मानक इलेक्ट्रोड विभव 

जब किसी धातु के एक मोल विलयन को 250⁰ C ताप पर उसके लवण के विलयन में डुबाया जाता है, तब धातु तथा लवण के बीच में विभव उत्पन्न होता है। उत्पन्न होने वाले विभव को मानक इलेक्ट्रोड विभव कहते है, मानक इलेक्ट्रोड विभव को E₀ से व्यक्त करते है। 

मानक इलेक्ट्रोड विभव के प्रकार 

मानक इलेक्ट्रोड विभव दो प्रकार के होते है। 

1. ऑक्सीकरण इलेक्ट्रोड विभव 
2. अपचयन इलेक्ट्रोड विभव 

1. ऑक्सीकरण इलेक्ट्रोड विभव

जब धातु, धातु आयन के रूप में परिवर्तित हो जाती है, तो विभव उत्पन्न होता है उत्पन्न होने वाले विभव को ऑक्सीकरण विभव कहते है।
उदाहरण--     Ag→Ag⁺+e⁻(EAg/Ag₊₌0.8v)
                      Cu→Cu²+2e⁻(Ecu/cu2+=-0.34v)

2. अपचयन इलेक्ट्रोड विभव 

जब धातु आयन, धातु में परिवर्तित होती है। तो विभव उत्पन्न होता है, उत्पन्न होने वाले विभव को अपचयन विभव कहते है।
उदाहरण--     Ag⁺+e⁻→Ag(EAg+/Ag₌+0.8v)
                      Cu²+2e⁻→Cu(Ecu2+/cu₌+0.34v)

मानक इलेक्ट्रोड विभव का उपयोग

मानक इलेक्ट्रोड विभव का उपयोग विद्युत् रासायनिक सेल का विभव ज्ञात करने तथा किसी भी विद्युत् रासायनिक रेडॉक्स अभिक्रिया के साम्य की स्थति का पता लगाने के लिए किया जाता है।

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